सारंगढ़ । सारंगढ़ जिला मुख्यालय के अमेठी गांव में मराठा समाज अपने ईष्ट देवी तुलझा भवानी मंदिर की भूमिपूजन एवं छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति स्थापना कर रही है ।
19 फरवरी को शिवाजी महाराज के जयंती के अवसर पर मूर्ति स्थापना कार्यक्रम रखी गई है इस आयोजन में सारंगढ़ - बिलाईगढ़ ,रायगढ़ , जांजगीर -चांपा, सक्ति , और महासमुंद जिला के मराठा समाज के लोग शामिल होंगे । जिसकी तैयारी मराठा समाज के द्वारा चल रही है । सारंगढ़ में अमेठी गांव में मराठा समाज के लोग अधिकाधिक हैं ।
मराठा समाज महाराष्ट्र का एक प्रमुख समाज है, जो अपनी वीरता, साहस और स्वाभिमान के लिए जाना जाता है। यह समाज मुख्य रूप से महाराष्ट्र में निवास करता है और अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है।
छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा समाज के एक महान नायक थे, जिन्होंने 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी। वह एक कुशल योद्धा, राजनीतिज्ञ और प्रशासक थे, जिन्होंने अपने समय के शक्तिशाली मुगल साम्राज्य को चुनौती दी थी।
शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को महाराष्ट्र के शिवनेरी किले में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में कई महत्वपूर्ण लड़ाइयाँ लड़ीं और कई किलों पर कब्जा किया। उन्होंने अपने साम्राज्य को एक मजबूत और समृद्ध राज्य बनाया, जो उनके बाद भी कई वर्षों तक चला।
शिवाजी महाराज की विरासत आज भी मराठा समाज और पूरे भारत में जीवित है। वह एक महान नायक और एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, जिनकी कहानियाँ आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं।
अमेठी गांव में मराठा समाज मूर्ति स्थापना कर रही है वहीं अपने ईष्ट देवी को मंदिर की भूमि पूजन कार्यक्रम भी रखा गया है । कोसीर मराठा समाज के प्रमुख शंभू राव ने बताया कि यह कार्यक्रम 19 फरवरी को दोपहर 1 बजे रखी गई है । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े , अरुण मालाकार, अरविंद खटकर और पूर्व सारंगढ़ विधायक सुश्री कामदा जोल्हे होंगे । कार्यक्रम को लेकर समाज में उत्साह है ।