आगे हरेली तिहार संगी छागे हरियाली!!
देख संगी आगे हमर हरेली तिहार!!
आये हे हरियाली संगी सुख हमर द्वार!!
किसान मन के पहली तिहार आगे हरेली!!
हमर सोनहा माटी रंग हरियाली म छागे!!
हरियर हे खेती खार महके अँगना खोर!!
हरेली आइस हरियाली छागे खेती खार!!
खेत खलिहान घर-आंगन सुघ्घर लागे!!
खुशी के परब हरेली हरियर खेती खार!!
घरो घर बनथे तावा मा सुघ्घर गुड़ के चिला!!
नांगर बइला धोवागे करथे अपन कुल!!
देवता के पूजा पाठ बिहनिया माई पीला।।
बिहन ले गाँव के लईका शियान नरियर फेकथे जम के!!
गेड़ी खपायें टेंग टेंग रेंगेन झूमत संग संगवारी हे!!
जुर मिल के मानबो संगी आगे हरेली तिहार!!
हमर छत्तीसगढ़ महतारी ल बारम्बार जोहार हे!!
*लिकेश खुंटे*
*जिला -सारंगढ़ बिलाईगढ़*
MO-9617761394
-7440939869