त्रुटिपूर्ण युक्तियुक्तकरण के खिलाफ शिक्षक साझा मंच ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन...



सारंगढ़ । सुशासन का झण्डा लहराने वाली सरकार के नीतियों को मटियामेट करने में तुले अधिकारियों के कारगुजारियों को उजागर करते हुए दोषपूर्ण युक्तियुक्तकरण के विरोध में शिक्षक साझा मंच सारंगढ़- बिलाईगढ़ ने कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री, सचिव, सामान्य प्रशासन, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय एवं संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग, बिलासपुर के नाम अपना ज्ञापन सौंपा। जिसमें युक्तियुक्तकरण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा नियमों की कैसी अनदेखी की गई है, उसकी बानगी दिखाई देगी। वर्तमान सरकार प्रदेशभर के स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात सही करने तथा कोने-कोने के स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती हो सके, इसके लिए स्कूलों तथा शिक्षक एवं अन्य कर्मचारियों के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से कर रही है, किन्तु सारंगढ़ जिले के जिला शिक्षा अधिकारी एवं उनकी टीम पूरे निर्देशों के विपरीत प्रक्रिया अपनाकर शासन की छवि-धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। युक्तियुक्तकरण का ध्येय वाक्य- ‘‘शत् प्रतिशत् शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षक मुक्त विद्यालय युक्त प्रदेश’’ । इस वाक्य के पीछे सरकार अपने शिक्षा के अधिकार अधिनियम एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मूर्त होते देखना चाह रही थी, किन्तु सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले वह हसरत पूरी नहीं हो सकी। यहाँ नियमों के विपरीत ई संवर्ग की शालाओं को टी संवर्ग की शालाओं में युक्तियुक्तकरण, एक शाला को दो अलग-अलग शालाओं में युक्तियुक्तकरण, ई संवर्ग के साथ टी संवर्ग का युक्तियुक्तकरण, पहले से एक साथ संचालित एवं नियंत्रित थे, उन्हें अलग-अलग दिखाना, एकल शिक्षकीय पूर्व माध्यमिक शालाओं को काउंसिलिंग में शामिल नहीं करना, सेजेस स्कूलों को उनके भर्ती प्रक्रिया के विपरीत काउंसिलिंग में शामिल करना, समस्त हाई/हाॅयर सेकेण्डरी स्कूल के विषयवार रिक्त पदों को काउसिलिंग में प्रदर्शित नहीं करना, आवश्यकता वाले पदों को काउंसिलिंग में शामिल नहीं करना, शाला के लिए स्वीकृत पदों से अधिक प्रदर्शित करना, स्ंाचालित विषय से पृथ्क् विषय का पद प्रदर्शित करना, सहायक शिक्षक के रिक्त पदों में बार-बार परिवर्तन कर प्रदर्शित करना, कम दर्ज संख्या वाले शालाओं में भी अधिक शिक्षकों की तैनाती, संभागीय कार्यालय को गलत जानकारी प्रेषित करना और शाला की दर्ज संख्या में छेड़खानी करना सहित अनेक ऐसे प्रक्रिया अपनाये गये, जो युक्तियुक्तकरण के नियमों के विपरीत है। शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ प्रदेश के जिलों एवं संभागों में आयोजित युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में नियमों के विपरीत कार्यवाहियों के विरोध में पोल-खोल ज्ञापन रैली का आयोजन कर सरकार को अवगत कराते हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही तथा दोषपूर्ण युक्तियुक्तकरण निरस्त करने हेतु अपनी आवाज बुलंद कर रही है। जिसके तहत् सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में शिक्षक साझा मंच के बैनर तले प्रांतीय संचालक लैलून भारद्वाज और प्रदीप लहरे के मार्गदर्शन तथा जिला संचालक डोलामणी मालाकार, फकीरा यादव, संकीर्तन नंद, विमल अजगल्ले के नेतृत्व में जिलों की विसंगतियों व दोषों से भरे युक्तियुक्तकरण के विरोध में कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री, सचिव, सामान्य प्रशासन, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय एवं संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग, बिलासपुर के नाम अपना ज्ञापन रैली निकालकर सौंपा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही तथा दोषपूर्ण युक्तियुक्तकरण निरस्त करने मांग रखी।
 इस कार्यक्रम में देवम प्रकाश पटेल, हीरालाल पटेल, राजाराम साहू ,धरमपाल पटेल,रमेश कुमार पटेल, उमेश्वर पटेल,विद्यानंद पाण्डेय,भागीरथी मलिक,कार्तिकराम पटेल, नंद कुमार बंजारे, गजेन्द्र चैाहान, सुन्दर जाटवर, प्रमोद महेश, रामशरण भारद्वाज, दीपेश जायसवाल, सतीश चैाहान, पवन कुमार पटेल, नंदकिशोर पटेल, ओमप्रकाश भारद्वाज, सूरज सारथी, श्रीमती क्रांति सारथी, श्रीमती सरोज जांगड़े, कृष्ण कन्हैया भगत, अनिल पटेल, भीमेश्वर पटेल, विजय कुमार नायक, मीनूप्रकाश सिदार सुरेश कुमार भारती सहित सैकड़ों पीड़ित शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित रहे।

Likesh khunte

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