शादी के सात फेरों के सातों वचन अटूट बंधन# फिर भी टूट जाते है रिश्ते!!
***सात फेरों के सातों वचन ***अटूट बंधन***
*नहीं पूर्ण जिसके बिनामानव जीवन संपूर्ण ।वैदिक संस्कृति के अनुसारविवाह ही है परिपूर्ण ।
*जिसके अर्थ में छिपा हैविशेष उत्तरदायित्व का स्वरूप ।महत्वपूर्ण जिसका निर्वहन करना हैपति-पत्नी दोनों को जीवन में जरूर ।
*विवाह है पति पत्नी के बीचजन्म-जन्मांतरों का साथ ।
अग्नि के सात फेरों से मजबूतहो जाता है दोनों का अटूट विश्वास ।
*सात फेरों के बाद हीशादी की रसम पूरी होती है ।यही साथ विवाह की स्थिरता कीमुख्य कड़ी होती है ।
*पहले वचन में कन्यावर से वचन ले लेती है ।मुझे अकेला तुम न कभी छोड़ोगेहर सफ़र में अपने संग लोगे तुम ।
*व्रत-उपवास ,यज्ञ,अनुष्ठानअन्य धर्म कार्य जो भी करोगे आप ।अपने वाम भाग मेंअवश्य स्थान देंगे मुझे हमेशा आप ।
*दूसरे वचन में करती हैवह यह माँग हक से ।अपने माता-पिता के साथ-साथमेरे माता-पिता को भी वही सम्मान दोगेमन वचन और कर्म से ।
*तीसरे वचन में यह वचन माँगती है ।हर पल जीवन में तुममेरे साथ हमेशा रहोगे ।जीवन की तीनों अवस्थाओं मेंपालनहार मेरे तुम बने रहोगे ।
*चौथे वचन में परिवार की जिम्मेदारी की बातकही जाती है।विवाह बंधन में बँधते हीपरिवार की समस्त आवश्यक्ताओं की पूर्तिआपसे ही पूर्ण होती है ।
*पाँचवें वचन में लेती हैकन्या यह वचन वर से ।किसी भी कार्य से पूर्वलेनी होगी मेरी मंत्रणा तुम्हें अवश्य से ।
*छठे वचन में अपनेसम्मान की बात वह करती है ।करोगे नहीं अपमानित मुझेकिसी के भी सम्मुख वचन लेती है ।
*दुर्व्यसनों में फँसकरगृहस्थ जीवन नहीं करोगे नष्ट ।कभी कटु वचन नहीं कहेगोयह वचन भरवा लेती है ।
*अंतिम वचन में अपने भविष्य कोसुरक्षित रखने का प्रयास करती है ।पराई स्त्री आकर्षण में पगभ्रष्ट न होंगेयह वचन ले लेती है ।
*इन सातों वचनों के बादविवाह संपूर्ण हो जाता है ।पति-पत्नी का साथपूर्ण अटूट हो जाता है ।
*जिसको तोड़ न पातीजीवन की कोई आँधी है ।दोनों साथ रहते जैसेदीपक और बाती है ।
*जो इन वचनों कीमहत्वता को समझ जाता है ।एक दूसरे के साथ वहजीवन मंगलमय बनाता है ।
*जो इन वचनों कोनिरर्थक समझता है ।उनका संपूर्ण जीवनकलह के तिमिर में बिखरता है ।
*स्त्री और पुरुषगाड़ी के दो पहिए हैं ।जो जीवनपर्यंत गाड़ी काबोझ वहन करते हैं ।
*एक पहिया भी अगरभ्रमित होता है ।पूरी गाड़ी (परिवार)पर असर होता है ।
*विवाह है एक ऐसीअटूट और मजबूत डोर आज तक ।जो बाँधे रखती है पूरे परिवार कोपीढ़ी दर पीढ़ी तक ।